हवाला के ५ करोड़ ७३ लाख जब्त - पुलिस अधिकारी समेत ७ आरोपी गिरफ्तार


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नंदनवन थाने के चर्चीत हवाला प्रकरण में एक पुलिस अधीकारी और दो कर्मचारियों समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश कर पीसीआर में भी लिया गया है। प्रकरण में गबन की गई रकम भी आरोपियों से पुलिस ने जब्त की है, इस बीच प्रकरण की गंभीरता से इसकी जांच अजनी थाने को सौप दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों में नंदनवन थाने का सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) सुनील पांडुरंग सोनवने (44),पुलिस कर्मचारी विलास भाऊराव वाडेकर (39) देशराज नगर,सुरेंद्रगढ,सचिन शिवकरन भजभुजे (35) नरसाला रोड महाविष्णु नगर,मुखबिर रवि रमेश माचेलवार (35),सचिन नारायण पडगिलवार (37), गजानन भेलेनाथ मुनमुने (27),प्रकाश बबुल वासनीक (22) चारों नंदनवन झोपडपट्टी आंबेडकर चौक निवासी है।

ज्ञात हो की 29 अप्रैल की देर रात प्रजापती चौक में मुखबिर रवि और सचिन की टीप पर एपीआई सुनील सोनवने ने अपने कर्मचारी विलास वाडेकर और सचिन भजभुजे की मदद से हवाला की रकम ले जा रही डस्टर कार क्र.एमएएच 31 एफए 4611 को कपडा था। जब वाहन को पकडा गया था,तभी वहां पर कलमना थाने की पुलिस भी आ धमकी थी। मगर एपीआई सोनवणे कलमना थाने की पुलिस हल्या के आरोपी वाहन में होने की झुठी जानकारी देकर वहां से डस्टर कार निकाल ली थी। एपीआई से बात करने के बाद कलमना थाने की पुलिस ने भी मामले में कोई हस्तक्षेप नही किया था। जिसके बाद सोनवने और उसके साथी कर्मचारी पुलिस वाहन से थाने पहुंचे। मगर हवाला की रकम वाली कार बीच रास्ते में गायब करदी गई थी। एपीआई सोनवणे ने हवाला प्रकरण में लिप्त होने से इंनकार किया है। आखिरकार एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी बगैर किसी लिप्तता के संदिग्ध कार को ऐसे कैसे जाने देंगा यह बात आला पुलिस अधिकारियों के भी गले नही उतर रही है।

एपीआई के अनुसार कार के गायब होने और मुखबिरों के भी फोन बंद होने से वह घर जाकर सो गया था। इस बीच कार समेत थाने पहुंचने के बाद मुखबिर ने एपीआई सोनवने को फोन किया। उसके वाद वह थाने पहुंचे। जबकि प्रकरण की सच्चाई यह है कि जब कार को गायब कर दिया गया था उस दौरान बीच रास्ते में ही एक कार से नकदी दुसरे कार में स्थानांतरीत कर दी गई। नकदी कार में ही लगे लॉकरों में बंद होने से लॉकरों के नट बोल्ट भी खोल दिए गए थे। उसके बाद रात रात दुसरी कार से नकदी चंद्रपुर जिला के चिमूर तहसील अंतर्गत भिसी नामक गांव में भेज दी गई थी। भिसी गजानन मुलमुले का गांव है।

गजानन के साथ रवि भी उसके गांव में पहुंचा था। गांव जाने के बाद गजानन ने पिता को बताया था कि उसके मालिक के घर में इन्कम टैक्स का छापा पडा है। जिस कारन वह नकदी यहां पर छुपाकर रखने के लिए लाया है। इस बीच गजानन के पिता ने गांव से करीब 3 कीमी के दुरी पर स्थित अपने खेत में गढ्ढा खोदकर 2 करोड़ 54 लाख 92 हजार 800 सौ रुपए की नकदी का बोरा गढ्ढे में छुपा दिया था। बारीश पानी से बचने के लिए नोट के बोरे के चारों और ताडपतरी भी लगा दी गई थी।  इस बीच मुखबिर रवि,सचिन और हवाला की रकम के साथ कार में सवार प्रकाश और गजानन भी नागपुर से भाग गए थे। यहां से वे औरंगाबाद,पूणे,कोल्हापुर,सातारा आदी स्थानों पर गए। बीच रास्ते में उन्हें महाबलेश्वर लगा। जिससे वहां पर एक होटल में रुक गए। वहां रहते हुए ही रवि की गर्लफ्रेंड का उसे फोन आया कि पुलिस उसके बारे में उससे पूछताछ कर चुकी है। इससे रवि और उसके साथी चौकना हो गए। बार बार उनके मोबाइल का लोकेशन भी बदलता रहा है।

पुलिस से बचने के लिए उनहोंने चार नए सिमकार्ड भी खरीदे थे। इसके बावजुद गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उन्हें दबोचने में सफलता प्राप्त की है। पूछताछ के दौरान आरोपी पुलिस को रात भर गुमराह करते रहे। वाठोडा समेत शहर भर में कई स्थानों पर घुमाया। कई कहानिया भी पुलिस को गुमराह करने के लिए बनाई। आखिरकार सक्ती बरतने से आरापियों ने पुलिस के सामने घुटने टेक दिए और गबन की गई रकम के बारे में बताया। जिससे पुलिस ने भिसी में पहुंचकर गबन रकम बरामद की है। कार में हवाला के 5 करोड़ 73 लाख रुपए थे। उसमें से 2 करोड़,54 लाख,92 हजार 800 रुपए गायब कर दिए गए थे,जबकि जब्ती में मात्र 3 करोड़ 18 लाख 7 हजार 200 रुपए ही दर्शाए गए थे। इस बीच अकेले गजानन से ही 2 करोड़ 50 लाख रुपए जब्त किए गए है,जबकि रवि,सचिन और प्रकाश से 2 लाख 82 हजार 680 रुपए जब्त किए गए है। हवाला की रकम में से 2 लाख 10 हजार 120 रुपए आरोपी कपडे और अपने मौज मस्ती पर खर्च कर चुके है। 2 लाख रुपए को छोडकर हवाला की बाकी की पुरी रकम पुलिस जब्त कर चुकी है। इस बीच उपायुक्त भरने ने प्रकरण दर्ज कर इसकी जांच अजनी थाने के निरीक्षक शैलेष संखे को सौप दी है। शुक्रवार को अदालत में हुई पेशी के दौरान आरोपियों का 14 तारीख तक पीसीआर मांगा गया था। दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को 11 तारीख तक पीसीआर में भेज दिया है। 



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