भ्रष्टाचार के ११० मामलो में अकेले पुलिस विभाग से २२ पकडे गये


  • भ्रष्टाचार के ११० मामलो  में अकेले पुलिस विभाग से २२ पकडे गये
    भ्रष्टाचार के ११० मामलो में अकेले पुलिस विभाग से २२ पकडे गये
    1 of 1 Photos

नागपुर : देश के कई शहरों में भ्रष्टाचार का जाल मानो फैलता जा रहा है, जिसको जड़ से नष्ट करने के लिए शहर के एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने पिछले वर्ष रिश्वत व भ्रष्टाचार से संबंधित 110 मामलों में 142 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें सबसे ज्यादा भ्रष्ट लोग पुलिस विभाग से पकड़े गए। पुलिस विभाग के 22 मामले पकड़े गए। दूसरे स्थान पर राजस्व विभाग रहा, जहां रिश्वत व भ्रष्टाचार के 14 मामले पकड़े गए। जिला परिषद व वन विभाग भ्रष्टाचार में तीसरे स्थान पर रहा। सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।  एसीबी नागपुर का कार्यक्षेत्र नागपुर विभाग है, जिसमें नागपुर सहित वर्धा, चंद्रपुर, गड़चिरोली, गोंदिया व भंडारा जिला शामिल है। एसीबी नागपुर ने पिछले साल 1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2017 तक सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने के 110 मामले पकड़े। इसमें कुल 142 लोगों को पकड़ा गया। 142 आरोपियों में 17 आरोपी ऐसे हैं, जो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत मामले में सहयोग करने में पकड़े गए। सबसे ज्यादा 22 मामले अकेले पुलिस विभाग के हैं। राजस्व विभाग के 14 मामले पकड़े गए। जिला परिषद व वन विभाग के 10-10 मामले पकड़े गए। पंचायत समिति में घूसखोरी के 9 मामले सामने आए। नगर परिषद में 6 व स्वास्थ्य विभाग में घूसखोरी के 5 मामले पकड़े गए। गत वर्ष घूसखोरी के जो 110 मामले सामने आए, उसमें से 104 मामले अदालत में विचाराधीन है। 

अभय कोलारकर, आरटीआई एक्टिविस्ट के मुताबिक भ्रष्टाचार पर आैर लगाम लगाने के लिए भ्रष्टाचारियों को सजा देने में तेजी आनी चाहिए। तेजी से मामले निपटाए गए तो भ्रष्टाचारियों में डर का माहौल तैयार होगा। 10 साल से भ्रष्टाचार के कितने मामले लंबित हैं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। यह जानकारी एसीबी को भी रखनी चाहिए।  भ्रष्टाचार में पुलिस विभाग का अव्वल रहना चिंता की बात है। विजय माहुलकर, पुलिस उपअधीक्षक व जनसूचना अधिकारी एसीबी के मुताबिक भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए निरंतर प्रयास जारी है। भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए विविध उपक्रम चलाए जा रहे हैं। लोगों में जनजागृति की जा रही है। शिकायत प्राप्त होते ही तत्परता से संबंधितों पर कार्रवाई की जा रही है। 

एसीबी ने घूसखोरी व भ्रष्टाचार के आरोप में जिन 142 आरोपियों को पकड़ा गया, उसमें 13 आरोपी क्लास वन अधिकारी हैं। अन्य 13 आरोपी क्लास टू अधिकारी हैं। क्लास थ्री स्तर के सबसे ज्यादा 88 आरोपी इसमें शामिल हैं। मजेदार यह बात है की चतुर्थश्रेणी के मात्र 2 आरोपी हैं।  



add like button Service und Garantie

Leave Your Comments

Other News Today