दूसरे दल से आए कार्यकर्ताओं के कारण भाजपा बनी नंबर वन - रावसाहब दानवे


  • दूसरे दल से आए कार्यकर्ताओं के कारण भाजपा बनी नंबर वन - रावसाहब दानवे
    दूसरे दल से आए कार्यकर्ताओं के कारण भाजपा बनी नंबर वन - रावसाहब दानवे
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नागपुर : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रावसाहब दानवे ने आज पत्रकार वार्ता में कहा है कि दूसरे दल से आए कार्यकर्ताआें के कारण ही उनकी पार्टी राज्य में नंबर वन बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि 15 वर्ष से भाजपा के काम कर रहे नेताओं को अन्य दल के नेता कहना ठीक नहीं है। दानवे के अनुसार राज्य मंत्रिमंडल विस्तार शीतसत्र के बाद होगा। एक प्रश्न पर उन्होंने दो टूक कहा कि नारायण राणे के मामले पर शिवसेना ने नाराज नहीं होना चाहिए। गुुरुवार को सिविल लाइन में महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल के सभागृह में पत्रकार वार्ता में श्री दानवे बोल रहे थे। भाजपा में अन्य दल के कार्यकर्ताओं को पद देने व चुनावों में उम्मीदवार बनाये जाने के प्रश्न पर श्री दानवे ने कहा कि राजनीतिक मजबूरियों को भी समझना होगा। राज्य में भाजपा तीसरे व चौथे स्थान पर रही है। पार्टी को दूसरे स्थान पर लाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। दूसरे दलाें के अच्छे कार्यकर्ताआें के आने से पार्टी राज्य में नंबर वन बनी। श्री दानवे ने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का महत्व कम नहीं हुआ है। राज्य में भाजपा के 83 से 84 प्रतिशत विधायक पुराने कार्यकर्ता ही हैं। पत्रकार वार्ता में ऊर्जामंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री रामदास आंबटकर,विदर्भ संगठन मंत्री डॉ.उपेंद्र कोठेकर,शहर अध्यक्ष सुधाकर कोहले,प्रदेश प्रवक्ता गिरीश व्यास,विधायक डॉ.मिलिंद माने,विधानपरिषद सदस्य प्रा.अनिल सोले, पूर्व महापौर अर्चना डेहनकर , चंदन गोस्वामी समेत अन्य पदाधिकारी थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विरोध में लगातार बयान दे रहे गाेंदिया भंडारा के सांसद नाना पटोले का विषय अलग है । कुछ मामलों पर उनसे चर्चा की जायेगी। संसद के अधिवेशन के दौरान उनसे मुलाकात की जायेगी ।
गुजरात में पहले से भी अधिक संख्याबल के साथ भाजपा विधानसभा चुनाव जीतेगी । वहां किसी तरह का भय नहीं है। गुजरात में भाजपा की नाक में दम नहीं आया है ।
कर्जमाफी की राशि दिसंबर अंत तक लाभार्थी किसानों के खातों में चली जाएगी। पहले संप्रग सरकार ने 7 हजार करोड का कर्जमाफ किया था। बैंकों से लाभार्थी किसानों की सूची मंगायी थी। किसानों के नाम की राशि बैंकाें को दी गई। लेकिन बैंकों ने कितने किसानों को राशि दी वह सूची सरकार को नहीं दी। पिछली सरकार को कर्जमाफी का लाभ देने की प्रक्रिया में 19 माह लगे थे। अब सरकार किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने देना चाहती है। किसानों के खातों की छानबीन हो रही है।
-भाजपा सेना में कोई बड़ा विवाद नहीं है। जो दिख रहा है वह केवल मीडिया के कारण है। सभी को अपना संगठन बढ़ाने का अधिकार है। शिवसेना अपने हिसाब से काम कर रही है। भाजपा भी संगठन बढ़ाने का काम कर रही है।
नारायण राणे भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने नया संगठन बनाकर राजग को समर्थन किया है। राणे के भाजपा के सहयोगी बनने पर शिवसेना को नाराज नहीं होना चाहिए।
मराठवाड़ा को अलग राज्य बनाने की मांग का भाजपा ने समर्थन नहीं किया है। मराठवाडा अलग राज्य बनने के लिए सक्षम स्थिति में नहीं है।

 



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