विदर्भ के कई हिस्सों में ओले गिरने से फसल को नुकसान


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नागपुर : महाराष्ट्र की उपराजधानी में रविवार सुबह से ही आसमान में बदली छाई रही और तेज हवा के साथ बारिश हुई । इसके अलावा विदर्भ के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। कई स्थानों पर ओले गिरने की खबर है। बुलढाणा, अकोला, जालना में कुछ जगह ओले गिरे हैं। वहीं गोंदिया और भंडारा में तेज बारिश हुई। अचानक मौसम ने करवट बदली, बरसात के साथ ही फिजा में ठंडक घुल गई। सड़कें पानी से सराबोर हुई। ओला गिरने से किसानों की फसल को नुकसान की संभावना भी जताई जा रही है I अमरावती जिले में की सुबह बदरीला मौसम बनने के बाद अचानक बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हुई। जिसका ज्यादा असर अंजनगांव सुर्जी और धारणी में देखने को मिला। दर्यापुर और धामणगांव तहसील में आने वाले तलेगांव दशासर में भी जमकर ओले गिरे। जिसके चारण कपास, गेहूं, चने की फसलों को नुकसान हुआ है। बोंड इल्ली से प्रभावित कपास उत्पादक किसानों ने बड़ी उम्मीदों से खेतों में चना और गेहूं की बुवाई की थी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। वडनेरगंगाई इलाके में बड़े-बड़े ओले गिरने से गेहूं और चना फसल प्रभावित हुई है। 

पिछले दिनों मौसम विभाग ने विदर्भ और मराठवाडा के ज्यादातर इलाकों में 10 से 13 फरवरी तक तेज हवाओं के साथ बारिश के साथ ओला गिरने की आशंका जताई थी। जिसके मद्देनजर राज्य सरकार ने सभी किसानों से कहा था कि वे तैयार फसल काटकर उसे सुरक्षित रख लें। इसके अलावा सभी नागरिकों से बिजली, ओले, बारिश से अपने बचाव के उपाय करने को कहा गया था। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक गडचिरोली, गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर, नागपुर, वर्धा, नांदेड, लातूर जिलों के साथ अमरावती और यवतमाल जिलों के पूर्वी हिस्सों में बिजली की कडकडाहट के साथ बरसात होगी और ओले पड़ सकते हैं। पूर्वी विदर्भ में ओले पड़ने की ज्यादा आशंका जताई थी। कहा गया था कि 11 फरवरी को ज्यादा तेज हवाएं चल सकतीं हैं। 13 फरवरी से इसकी तीव्रता कम होगी और 14 फरवरी से मौसम सामान्य होने का अनुमान है I किसानों को सरकार की ओर से सलाह दी गई है कि वे ज्वार और धान की तैयार फसल काटकर उसे सुरक्षित रख लें साथ ही जानवरों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएं I



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