ग्रीन कोरीडोर मे शहर से हार्ट चेन्नई भेजा गया


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    ग्रीन कोरीडोर मे शहर से हार्ट चेन्नई भेजा गया
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नागपुर : इंसान जीते जी किसी के काम तो आता है लेकिन मरने के बाद भी किसी के काम आना इंसानियत की मिसाल है । जिसका उदाहरण है नागपुर ट्रॉमा केयर सेंटर में एक ब्रेनडेड मरीज का हार्ट चेन्नई भेजा गया है । यह पहला मौका है जब ट्रॉमा केयर सेंटर में किसी ब्रेनडेड मरीज के आर्गन निकाल कर बाहर भेजा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार काेंडाली निवासी पांडुरंग गिरि उम्र 60 साल को करीब 15 दिन पहले घूमते समय एक चार पहिया वाहन ने टक्कर मार दी थी एक निजी अस्पतालों में उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायल मरीज को ब्रेनडेड घोषित कर दिया । डॉक्टरों ने मरीज के परिजनों को बताया कि वह ऑर्गन डोनेट कर सकते हैं, तो परिवार वाले तैयार हो गए। इसके बाद मरीज को ट्रॉमा केयर सेंटर में ऑर्गन निकालने के लिए भर्ती किया गया। बुधवार की सुबह मरीज के आॅर्गन निकाले गएे। पूरी तैयारी के साथ हार्ट चेन्नई भेजा गया। 

ज्ञात हो कि 17 दिन पहले भी नागपुर से आर्गन डोनेट किए गए थे।  ब्रेनडेड मरीज वर्धा निवासी परिवर्तित नाम विवेक कुमार (22)  का अमरावती रोड स्थित एलआईटी के पास मोटरसाकिल का ब्रेक लगाने पर नीचे गिर गया, इससे सिर में गंभीर चोट आईं। इसके बाद एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया जहां ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया। इसके बाद व्होकहार्ट अस्पताल में मरीज को लाया गया जहां डॉक्टरों को एक उम्मीद दिखी, लेकिन बाद में मरीज को ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया था। सोमवार को सुबह 10:15 व्होकहार्ट अस्पताल से ग्रीन कोरिडोर बनाया गया और विमान से पुणे के रुबी होस्पिटल के लिए लीवर भेजा गया। मरीज की एक किडनी व्होकहार्ट में एवं दूसरी ऑरेंज सिटी को दी गई जबकि कोर्निया माधव नेत्र पेढी को दी गई। इसी तरह  अमरावती के  मुकेश अमृतलाल पिजांनी (33 ) काफी समय से बीमार थे।  25 नवंबर को उन्हें ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया । इस दुख की घड़ी में डॉ. अरूण हरवाणी ने पिंजानी परिवार से चर्चा कर उन्हें आर्गन डोनेट करने की सलाह दी।  पिता अमृतलाल, बड़े भाई संजय व धीरज ने उदारता दिखाई और आर्गन डोनेट करने का निर्णय लिया।



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