विपक्ष ने किया चाय-पान का बहिष्कार - सत्तापक्ष को घेरने विपक्ष तैयार


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नागपुर : महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतसत्र सोमवार, 11 दिसंबर से नागपुर में आरंभ होने जा रहा है. सत्र की तैयारी पूरी हो चुकी है और विधानमंडल सचिवालय सहित सभी प्रशासन संतरानगरी में डेरे के साथ पहुंच गया है. सत्ताधारियों को घेरने के लिए विपक्ष ने पूरी तैयारी कर ली है. सत्र की शुरुआत हंगामेदार होगी. 

विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के मोर्चे से अधिवेशन की शूरुआत होगी. शीतसत्र के सिलसिले में राज्य सरकार रविवार को पहुंची. इस बीच, रविवार को विपक्ष ने सत्तापक्ष के चायपान का बहिष्कार कर सरकारी नीति का निषेध व्यक्त किया. राज्य में कांग्रेस-राष्ट्रवादी की सरकार के रहते भाजपा-शिवसेना ने बहिष्कार किया था. सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस व राष्ट्रवादी का मोर्चा विधानभवन पर दस्तक देगा. इस मोर्चे का नेतृत्व राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाबनबी आजाद करेंगे. दोनों कांग्रेस एकसाथ होने से सरकार को निश्चित ही ध्यान देना पड़ेगा. सरकार ने शीतसत्र का कामकाज दस दिन का अर्थात दो सप्ताह का तय किया है. मगर विपक्ष ने चार सप्ताह तक कामकाज चलाने की मांग की. दबाव बढऩे पर एक दिन और बढ़ाए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है.

 20 दिसंबर को विधानमंडल कामकाज  सलाहकार  समिति की बैठक होगी और इसमें यह फैसला लिया जा सकता है. कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार का कहना है कि विपक्ष में रहते भाजपा की ओर से सत्र का कामकाज चार सप्ताह तक चलाने की मांग की जाती थी. अब विदर्भ का व्यक्ति राज्य का मुख्यमंत्री होने के कारण सत्र का कामकाज क्यों नहीं बढ़ाया जा सकता? विधानसभा के लिए 1790 ध्यानाकर्षण, 9675 तारांकित प्रश्न,186 आधा घंटे चर्चा का प्रस्ताव व 401 अशासकीय प्रस्ताव स्वीकारे जाएंगे. विधान परिषद के लिए 733 ध्यानाकर्षण, 2916 तारांकित प्रश्न, 163 अशासकीय प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इस वर्ष शीतसत्र में तीन नए विधेयक व 12 अध्यादेश पेश किए जाएंगे. विधानसभा में प्रलंबित एक विधेयक व विधान परिषद में प्रलंबित 5 विधेयक पेश किए जाएंगे.  

किसान केंद्रित रहेगा सत्र 

इस बार का सत्र किसानों की कर्जमाफी सहित विदर्भ के यवतमाल जिले में कीटनाशक दवा की छिड़काव की वजह से हुई मृत्यु, सोयाबीन, कपास, धान व अन्य कृषि माल के दर, इल्लियों का प्रकोप, बारिश के अभाव की वजह से संतरे पर हुआ परिणाम आदि किसानों से संबंधित विषय गूंजने के आसार हैं. इसी के साथ राज्य सहित नागपुर शहर में बढ़ते अपराध पर भी विपक्ष सदन और सदन के बाहर सत्तापक्ष आड़े हाथों लेगा. इसके अलावा पृथक विदर्भ का भी मुद्दा भी गूंजेगा. इन सभी मुद्दों पर सरकार क्या जवाब देती है, इस ओर सभी का ध्यान लगा रहेगा. इस बार अनेक मोर्चे विधान भवन पर दस्तक देंगे. विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने सत्र के पहले ही दिन विदर्भ बंद का नारा दिया है ।



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