युग चांडक हत्याकांड - नाबालिग को सुधारात्मक सजा


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नागपुर : - पुरे देश में चर्चित युग चांडक हत्याकांड के तीसरे (नाबालिग) विधिसंघर्ष बालक को दो साल की अच्छे बर्ताव के साथ बाल न्यायलय ने सुधारात्मक सजा बुधवार सुनाई गई । उस दो साल मे विधिसंघर्ष बालक को किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन न करनेकी और महीने मे दो बार किसी भी सामाजिक कार्य मे शामिल होने के आदेश दिये गये है । 1 सितम्बर 2014 को युग चांडक की हत्या की गई थी, फिरौति के लिए उसका अपहरण किया गया था किन्तु आरोपियों ने बाद मे उसकी हत्या की । इस हत्याकांड मे नाबालिक अपराधी का समावेश था इसी के आधर पर उसे षडयंत्र रचने का दोषी मानते हुवे बाल न्यायालय के न्यायमूर्ति एन एम बेदरकर , न्या. मेले और न्या. सुरेखा बोरकुटे इनके न्यायलय समक्ष सुनवाई हुई । जुविनाइल जस्टिस एक्ट के तहत इस मामले में दोषी पर कोई कठोर कारवाई नहीं बनती, उस आधार पर विधिसंघर्ष  बालक को समाज मे एक अच्छा नागरिक बनने का मौका दिया गया है । उल्लेखनीय है की इस हत्याकांड के दोषी पाए गए अन्य दो आरोपी, राजेश द्ववारे  21, और अरविन्द सिंह 24 को नागपुर सत्र न्यायलय में पहले ही फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है I



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